Contract Employees Pension Scheme: भारत में अस्थाई और संविदा आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब ई-कॉमर्स, डिलीवरी, परिवहन, निर्माण कार्य, असंगठित मजदूरी जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों को भी पेंशन सुरक्षा दी जाएगी। सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम के अंतर्गत अनऑर्गनाइज्ड वर्कर्स स्कीम की शुरुआत कर दी है, जिसके जरिए अब अस्थाई कर्मचारियों का भी पेंशन खाता खुलेगा और वे अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकेंगे।
यह योजना उन कर्मचारियों के लिए बड़ा सहारा साबित होगी, जिनके पास नियमित नौकरी या किसी प्रकार की सामाजिक सुरक्षा नहीं होती। 18 से 60 वर्ष तक के सभी श्रमिक इस पेंशन सुविधा के लिए पात्र होंगे।
एनपीएस के तहत अस्थाई कर्मचारियों को मिलेगा पेंशन का अधिकार
सरकार ने बताया है कि ई-श्रम पोर्टल से जुड़े श्रमिक इस योजना का सीधा लाभ उठा सकेंगे। पोर्टल पर मौजूद जानकारी के आधार पर प्रत्येक श्रमिक को एक प्राण नंबर जारी किया जाएगा। यही नंबर आगे चलकर उनके पेंशन खाते से लिंक होगा।
श्रमिकों को हर महीने लगभग 99 रुपये से 500 रुपये तक का छोटा सा योगदान करना होगा। योगदान की प्रक्रिया सरल रखी गई है और इसे मोबाइल, इंटरनेट बैंकिंग या नजदीकी केंद्रों के माध्यम से आसानी से पूरा किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक कर्मचारी इस योजना से जुड़े और अपने वृद्धावस्था के लिए मजबूत आर्थिक व्यवस्था तैयार कर सकें।
कार्यालयों के चक्कर से पूरी तरह मुक्ति
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पेंशन सुविधा के लिए किसी सरकारी दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी। श्रमिक अपने आधार नंबर और मोबाइल नंबर द्वारा आसानी से लॉगिन कर पेंशन खाता सक्रिय कर सकते हैं।
पेंशन खाते से जुड़ी हर जानकारी मोबाइल ऐप पर उपलब्ध होगी। श्रमिक अपने योगदान की स्थिति, पेंशन बैलेंस और अन्य अपडेट घर बैठे ही देख सकेंगे। किसी भी प्रकार की जरूरत पर वे सीधे संबंधित सहायता केंद्र से संपर्क भी कर सकेंगे।
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बड़ी राहत
यह फैसला असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से अस्थाई और दिहाड़ी मजदूर सामाजिक सुरक्षा की मांग कर रहे थे। अब यह नई पेंशन व्यवस्था उनके लिए बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनेगी।
सरकार का मानना है कि एनपीएस के अंतर्गत प्रदान की गई यह सुविधा असंगठित क्षेत्र में रोजगार से जुड़े लोगों को न सिर्फ स्थिरता देगी बल्कि भविष्य में नियमित आय का सहारा भी प्रदान करेगी। यह कदम उनके जीवन में सुरक्षा, स्थिरता और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।



