Government Employees Retirement Pension: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला जारी, पेंशन और ग्रेच्युटी की नई टाइमलाइन लागू

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Government Employees Retirement Pension: सरकारी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने पेंशन और ग्रेच्युटी में होने वाली देरी को खत्म करने के लिए नई टाइमलाइन लागू कर दी है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग DoPPW ने सभी विभागों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं ताकि कर्मचारी रिटायर होने के तुरंत बाद अपने सभी लाभ प्राप्त कर सकें। यह नई टाइमलाइन सेंट्रल सिविल सर्विसेज रूल्स 2021 के तहत तय की गई है और लाखों कर्मचारियों को इससे राहत मिलने वाली है।

Government Employees Retirement Pension

सुपरएनुएशन पेंशन वह लाभ है जो कर्मचारी को निर्धारित उम्र पूरी होने के बाद मिलता है। सरकारी सेवाओं में सामान्यतः 58 या 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर रिटायरमेंट होता है। इसे ही सुपरएनुएशन कहा जाता है। सरकार का मानना है कि रिटायरमेंट के बाद पहले महीने में ही पेंशन और ग्रेच्युटी उपलब्ध होना सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए पूरी प्रक्रिया को समय से पहले शुरू करने पर जोर दिया गया है।

15 महीने पहले तैयार की जाएगी रिटायरमेंट लिस्ट

नई टाइमलाइन के अनुसार विभागों को हर महीने की 15 तारीख तक उन कर्मचारियों की सूची तैयार करनी होगी जो अगले 15 महीनों में रिटायर होने वाले हैं। इस सूची के आधार पर आगे की पूरी प्रक्रिया शुरू होती है ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो। सरकार का उद्देश्य है कि रिटायरमेंट से काफी पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।

12 महीने पहले सरकारी आवास से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी होंगी

जिन कर्मचारियों के पास सरकारी आवास होता है, उन्हें रिटायरमेंट से 12 महीने पहले ही अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। विभाग द्वारा इन जानकारियों का सत्यापन किया जाएगा ताकि समय पर नो ड्यू सर्टिफिकेट NDC जारी किया जा सके। यह प्रक्रिया पहले काफी लंबी होती थी, जिससे पेंशन में देरी होती थी, लेकिन अब इसे एक निश्चित टाइमलाइन में पूरा करना अनिवार्य है।

6 महीने पहले जमा करना होगा फॉर्म 6 A

कर्मचारियों को रिटायरमेंट से छह महीने पहले अपना पूरा किया हुआ फॉर्म 6 A जमा करना होगा। यह पेंशन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके साथ ऑफिस हेड को फॉर्म 7 पूरा करना होता है, जिसमें पूरी पेंशन कैलकुलेशन और चेकलिस्ट शामिल रहती है। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि रिटायरमेंट से चार महीने पहले तक सभी दस्तावेज और कैलकुलेशन पूरी तरह तैयार हो जाने चाहिए।

6 से 12 महीने पहले सर्विस रिकॉर्ड की जांच अनिवार्य

नई प्रक्रिया के अनुसार रिटायर होने वाले कर्मचारी के सर्विस रिकॉर्ड की जांच छह से बारह महीने पहले कर ली जाएगी। कई बार सर्विस बुक में छोटी सी गलती या किसी एंट्री की कमी के कारण पेंशन केस अटक जाता है। अब यह जांच पहले ही पूरी कर ली जाएगी ताकि रिटायरमेंट के समय कोई अड़चन न आए और लाभ तुरंत जारी हो सके।

दो महीने पहले जारी होगा पेंशन पेमेंट ऑर्डर

अकाउंट्स ऑफिस को पेंशन केस मिलते ही दो महीने पहले Pension Payment Order PPO जारी करना होगा। PPO की कॉपी फॉर्म 6 A के साथ सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस CPAO को भेजी जाती है, जहां से स्पेशल सील अथॉरिटी 21 दिनों के भीतर जारी कर दी जाती है। इसके बाद केस पेंशन डिसबर्सिंग अथॉरिटी को भेज दिया जाता है।

रिटायरमेंट डेट पर जारी कर दी जाएगी पेंशन और ग्रेच्युटी

नई टाइमलाइन का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कर्मचारी के रिटायरमेंट डे पर ही उसकी पेंशन जारी कर दी जाएगी। साथ ही ग्रेच्युटी का भुगतान भी उसी समय हो जाएगा। पहले यह प्रक्रिया कई बार महीनों तक खिंच जाती थी, जिसके कारण कर्मचारियों को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह समय पर मिलने वाला लाभ सुनिश्चित हो गया है।

नई टाइमलाइन से होगी हर स्तर पर जिम्मेदारी तय

DoPPW का कहना है कि इस टाइमलाइन का उद्देश्य रिटायरमेंट प्रक्रिया को पारदर्शी, निश्चित और समयबद्ध बनाना है। हर विभाग, हर अधिकारी और हर रिकॉर्ड सेक्शन की जिम्मेदारी पहले ही तय कर दी गई है ताकि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को एक भी दिन परेशान न होना पड़े।

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